नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के घर चला बुलडोजर, भड़काऊ भाषण केस में जेल में है बंद

नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के घर चला बुलडोजर, भड़काऊ भाषण केस में जेल में है बंद

नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी, फहीम शमीम खान, के घर पर नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की है। फहीम खान, जो माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के नागपुर शहर अध्यक्ष हैं, पर आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण देकर समुदाय के लोगों को उकसाया, जिसके परिणामस्वरूप नागपुर में हिंसा भड़की।

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पुलिस जांच में सामने आया है कि फहीम खान ने कुछ कट्टरपंथी लोगों को इकट्ठा कर एक सुनियोजित तरीके से दंगा भड़काने का काम किया। उन्हें 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वे पुलिस हिरासत में हैं। 

नगर निगम ने 21 मार्च को फहीम खान के घर के अवैध निर्माण को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद, 24 मार्च को नगर निगम की टीम ने पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में उनके संजय बाग कॉलोनी स्थित दो मंजिला मकान के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलाया।

इस कार्रवाई के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें आरपीटीएस, आरपीएफ और क्राइम ब्रांच के जवान मौजूद थे। 

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फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ MDP के टिकट पर नागपुर सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 

पुलिस का कहना है कि इस हिंसा की साजिश पहले से रची गई थी, और फहीम खान ने 500 से ज्यादा दंगाइयों को इकट्ठा कर हिंसा को बढ़ावा दिया। उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है।

इस प्रकार, नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है, और वे वर्तमान में भड़काऊ भाषण के मामले में जेल में बंद हैं।

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नागपुर में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मुख्य आरोपी, फहीम शमीम खान, के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। उनके भड़काऊ भाषणों के कारण शहर में तनाव और हिंसा फैली, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने उनके घर पर बुलडोज़र चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया।​

फहीम खान का परिचय:

फहीम खान नागपुर के संजय बाग कॉलोनी, यशोधरा नगर के निवासी हैं। वे अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के नेता हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें केवल 1,000 वोट मिले थे। उनके पिता बुर्का बेचते हैं और साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। फहीम खान कॉलेज ड्रॉपआउट हैं और सीसीटीवी मरम्मत का काम करते हैं। ​

हिंसा का प्रकरण:

17 मार्च 2025 को, छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान एक पवित्र पुस्तक की पंक्तियां लिखी एक चादर जलाए जाने की अफवाह फैली, जिससे नागपुर में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। फहीम खान ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया और पुलिस स्टेशन के बाहर एक भड़काऊ वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने पुलिस पर VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बचाने का आरोप लगाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे सांप्रदायिक भावनाएं भड़क गईं और नागपुर के महाल इलाके में हिंसा फैल गई। ​

पुलिस कार्रवाई:

हिंसा के बाद, नागपुर पुलिस ने फहीम खान समेत छह लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) लोहित मतानी ने बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और गलत सूचना फैलाने के आरोप में चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने 230 से अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की और 50 से अधिक विवादित पोस्ट हटाए गए। अब तक 112 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 11 नाबालिग भी शामिल हैं। ​

बुलडोज़र कार्रवाई:

नागपुर नगर निगम (NMC) ने 21 मार्च को फहीम खान के घर के अवैध निर्माण को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद, 24 मार्च को नगर निगम की टीम ने पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में उनके संजय बाग कॉलोनी स्थित दो मंजिला मकान के अवैध हिस्से पर बुलडोज़र चलाया। यह पहली बार है जब NMC ने किसी हिंसा आरोपी की संपत्ति पर बुलडोज़र चलाया है|

वर्तमान स्थिति:

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और कर्फ्यू हटा लिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस की तैनाती के साथ गश्त जारी है। ​

इस प्रकार, नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उनके अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है, और वे वर्तमान में भड़काऊ भाषण के मामले में जेल में बंद हैं।​

फहीम खान

नागपुर में सोमवार को हुई हिंसा के पीछे फहीम खान का हाथ होने का खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, फहीम खान ने 500 से ज़्यादा लोगों को इकट्ठा किया और हिंसा भड़काई. भीड़ ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश भी की और पुलिस पर हमला किया. यह घटना औरंगजेब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद हुई.

महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड पर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस का दावा है कि हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान है. उसी ने लोगों को भड़काया और करीब 500 लोगों को पुलिस स्टेशन पर इकट्ठा किया.

नागपुर के गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दर्ज दूसरी एफआईआर में ये खुलासा हुआ है. एफआईआर के मुताबिक, भीड़ ने अंधेरे का फायदा उठाकर महिला पुलिस कर्मी के साथ छेड़खानी करने की भी कोशिश की. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गांधी गेट के पास छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले के सामने औरंगजेब की कब्र के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और औरंगजेब का प्रतीकात्मक पुतले को फूंका.

फहीम शमीम खान ने 2024 में नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था. उसने 2024 में माइनॉरिटीज डेमोक्रेटिक पार्टी से नागपुर लोकसभा सीट से नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इस हिंसा का मुख्य आरोपी होने की वजह से उसका नाम FIR में भी नामजद है.

बता दें कि औरंगजेब की कब्र को लेकर हुए विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया था. महाराष्ट्र के नागपुर के महाल में सोमवार रात दो गुटों के बीच विवाद के बाद हिंसा भड़क गई थी.

महाल के बाद देर रात हंसपुरी में भी हिंसा हुई थी. अज्ञात लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी थी. इस दौरान जमकर पथराव किया गया. हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था. इस हिंसा में कई लोग घायल हुए थे. पुलिस ने 60 से ज्यादा दंगाइयों को हिरासत में भी लिया था.

औरंगजेब की कब्र को लेकर क्या है विवाद?

एक्टर विक्की कौशल की ‘छावा’ फिल्म कुछ समय पहले रिलीज हुई थी, जिसके बाद औरंगजेब का मुद्दा गरमा गया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कुछ दिन पहले औरंगजेब की कब्र हटाने की बात कही थी. विवाद तब और बढ़ गया जब समाजवादी पार्टी के नेता अबु आजमी ने औरंगजेब को अच्छा शासक बताते हुए कहा था कि उनका मानना है कि औरंगजेब क्रूर नहीं था. उनका दावा था कि फिल्मों के जरिए औरंगजेब की गलत छवि पेश की जा रही है. इसके बाद से ही औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग तेज हो गई है. कुछ पहले ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने धमकी दी थी कि अगर औरंगजेब की कब्र सरकार नहीं हटाती है तो बाबरी जैसा हश्र होगा.
 
 

नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान पर बड़े खुलासे, एफआईआर में सामने आया ये नाम

नागपुर हिंसा पर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के अनुसार माइनाॅरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष फहीम खान इस हिंसा का मास्टरमाइंड था। एफआईआर के अनुसार उपद्रवियों के हाथों में घातक हथियार थे।

महाराष्ट्र के नागपुर में भड़की हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने दावा किया है कि नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान है। उसी ने लोगों को भड़काया और करीब 500 लोगों थाने पर इकट्ठा किया। यह खुलासा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में हुआ है। यह दूसरी एफआईआर गणेशपेठ पुलिस थाने में दर्ज हुई।

थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार भीड़ ने अंधेरे का फायदा उठाकर महिला पुलिसकर्मियों के साथ छेड़खानी करने की कोशिश की। बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने गांधी गेट के पास शिवाजी महाराज के पुतले के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका था।

हिंसा का मास्टरमाइंड कौन?

एफआईआर के अनुसार माइनाॅरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष फहीम खान के नेतृत्व में थाने पर भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ तलवार, पत्थर, लाठियों और खतरनाक हथियारों से लैस थी। इन लोगों ने भय पैदा करने और धार्मिक दुश्मनी बढ़ाने के इरादे से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास किया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने भालदारपुरा चौक इलाके में पुलिस टीम पर घातक हथियार से हमला कर दिया। इस दौरान एक उपद्रवी ने अंधेरे का फायदा उठाकर महिला कांस्टेबल की वर्दी फाड़ने की कोशिश की और शरीर को छुआ।

जानें कैसे फैली हिंसा?

उपद्रवियों ने अन्य महिलाओं के अश्लील हरकतें की। कुछ ने भद्दे इशारे भी किए। बता दें कि नागपुर के महल इलाके में सोमवार शाम को करीब 7 बजे हिंसा भड़क उठी। जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया। यह अफवाह फैली कि औरंगजेब के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान संभाजीनगर जिले में वीएचपी के आंदोलन के दौरान एक समुदाय विशेष के धर्म ग्रंथ को जला दिया गया है। अफवाह के बाद नागपुर में हिंसा भड़क गई। महल इलाके में चिटनिस पार्क में ओल्ड हिसलोप काॅलेज इलाके के कुछ निवासियों ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े 7 बजे तक भीड़ ने उनके इलाके में हमला बोल दिया। इस दौरान कारों में आग लगा दी गई। वहीं घर के बाहर रखे सामान पर तोड़ दिया गया।

नागपुर :  औरंगजेब की कब्र को लेकर नागपुर में हिंसा शुरू हुई। हिंसा का मास्टर माइंड 38 साल का फहीम खान है। फहीम खान 2024 के लोकसभा चुनावों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, उसे 1,000 वोट मिले थे। फहीम के पिता बुर्का बेचते हैं और उनकी साइकिल मरम्मत की दुकान भी है। नागपुर हिंसा के मास्टर माइंड फहीम अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल था। उसके सुन्नी यूथ फोर्स से भी संबंध है।

 
 

फहीम खान ने बनाए भड़काऊ वीडियो

फहीम खान नागपुर के संजय बाग कॉलोनी यशोधरा नगर का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, फहीम खान ने ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रदर्शनकारियों के एक समूह का नेतृत्व किया था। कंप्लेन दर्ज कराने के बाद फहीम खान ने पुलिस स्टेशन से बाहर निकलने के बाद एक कथित भड़काऊ वीडियो बनाया, जिसमें पुलिस पर वीएचपी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बचाने का आरोप लगाया।
 

 

उसने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पर सरकारी इशारे पर चलने का आरोप लगाया था। फहीम का यह वीडियो पूरे शहर में वायरल हो गया, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि इसने सांप्रदायिक भावनाएं भड़क गईं। पुलिस का कहना है कि खान के वीडियो के कारण एक समुदाय के लोग उग्र हो गए, जिन्होंने नागपुर के महाल में उत्पात मचाया।

50 से ज्यादा विवादित पोस्ट हटाए गए

नागपुर हिंसा की जांच कर रहे साइबर डिपार्टमेंट के डीसीपी लोहित मतानी ने बताया कि इस मामले में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें 6 आरोपी नामजद किए गए हैं। सोमवार को नागपुर में उपद्रव से पहले सोशल मीडिया में भड़काऊ वीडियो वायरल किए गए। वीडियो में लोगों को पुलिस पर हमले के लिए उकसाया भी गया था। घटना के बाद आरोपियों ने 50 से अधिक विवादित पोस्ट डिलीट कर दिए। पुलिस मौजूद वीडियो की पड़ताल कर रही है। साइबर ब्रांच जल्द ही फहीम को प्रोडक्शन वॉरंट पर लेकर पूछताछ करेगी।

फहीम ने जुटाई भीड़

इसके खिलाफ माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम खान की अध्यक्षता में पुलिस स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा हुई. इस भीड़ ने कुल्हाड़ी, पत्थर, लाठियां और अन्य खतरनाक हथियारों के साथ क्षेत्र में आतंक पैदा करने के इरादे से घातक हथियारों को हवा में लहराया और लोगों में भय पैदा किया और धार्मिक दुश्मनी बढ़ाने के इरादे से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया.

भीड़ के सदस्यों ने जान से मारने की नियत से भालदारपुरा चौक इलाके में पुलिस पर घातक हथियार, पत्थर से हमला किया. उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी कर्तव्यों से हतोत्साहित करने के लिए पेट्रोल बम तैयार किए और उन पर फेंके. उनमें से कुछ ने अंधेरे का फायदा उठाकर आरसीपी दस्ते की एक महिला कांस्टेबल की वर्दी और शरीर को छुआ. उसने अन्य महिलाओं के साथ भी यौन दुर्व्यवहार किया और उनका यौन उत्पीड़न किया. कुछ महिला कर्मचारियों को देखकर उन्होंने अश्लील इशारे किए और भद्दे कमेंट किए.

लोगों ने क्या कहा?

महाराष्ट्र में नागपुर के महल इलाके में सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया. इलाके में यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर VHP के आंदोलन के दौरान एक समुदाय के धर्म ग्रंथ को जला दिया गया. अफवाह फैलने के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई.

महल इलाके में चिटनिस पार्क के पास ओल्ड हिसलोप कॉलेज इलाके के कुछ निवासियों ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे एक भीड़ ने उनके इलाके में हमला बोल दिया और उनके घरों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए तथा गलियों में खड़ी कई कारों में तोड़फोड़ की.

लोगों ने बताया कि भीड़ में शामिल लोगों ने घरों पर पत्थर फेंके और कारों में आगजनी की, घरों में लगे वाटर कूलर और खिड़कियां तोड़ दीं तथा भाग गए. इस संबंध में एक निवासी ने कहा कि बाद में इलाके में रहने वाले लोगों ने खुद जलते वाहनों की आग बुझाई. गुस्साए निवासियों ने भीड़ के खिलाफ तत्काल पुलिस कार्रवाई की मांग की.

निष्कर्ष

नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके अवैध निर्माण पर बुलडोज़र चला दिया और उन्हें भड़काऊ भाषण के मामले में जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फहीम खान ने भड़काऊ वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों को उकसाया, जिससे शहर में हिंसा भड़की। इस हिंसा में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, पुलिस बल पर हमले हुए और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा।

महाराष्ट्र प्रशासन ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए 100 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया और विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश दिए। सरकार और कानून व्यवस्था ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक हिंसा, अवैध गतिविधियों और कानून विरोधी कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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