हर तीसरे व्यक्ति को हो रहा है Cancer, जानें कारण और बचाव के तरीके

हर तीसरे व्यक्ति को हो रहा है Cancer

Cancer एक ऐसी बीमारी है जो आज विश्व भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बन चुकी है। World Health Organization (WHO) के अनुसार, हर साल विश्व में लगभग 10 Million नए Cancer के मामले सामने आते हैं। भारत में भी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार, भारत में हर 10 में से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में Cancer होने की संभावना है, और 15 में से एक व्यक्ति की मृत्यु कैंसर के कारण हो सकती है। यह कहावत कि “हर तीसरे व्यक्ति को कैंसर हो रहा है” भले ही Hyperbola लगे, लेकिन यह कैंसर की बढ़ती व्यापकता और इसके प्रति जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाती है। इस लेख में हम कैंसर के कारणों, लक्षणों, प्रकारों, निदान, उपचार और सबसे महत्वपूर्ण, इसके बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

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Cancer क्या है?

Cancer एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने और विभाजित होने लगती हैं। सामान्य कोशिकाएं नियंत्रित तरीके से बढ़ती हैं, विभाजित होती हैं और मर जाती हैं। लेकिन कैंसर में, कोशिकाएं अनियंत्रित होकर ट्यूमर का निर्माण करती हैं। ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं:

  1. Benign Tumor: ये ट्यूमर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलते और आमतौर पर कम खतरनाक होते हैं।

  2. Malignant Tumors: ये tumor शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकते हैं, जिसे मेटास्टेसिस कहा जाता है। ये अधिक खतरनाक होते हैं।

Cancer शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, जैसे फेफड़े, स्तन, मुंह, गर्भाशय, त्वचा, या रक्त। भारत में सबसे आम कैंसर में स्तन कैंसर, मुंह का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल हैं।

Cancer के कारण

Cancer के कई कारण हो सकते हैं, जो पर्यावरणीय, आनुवंशिक, और जीवनशैली से संबंधित कारकों का संयोजन हो सकते हैं। निम्नलिखित कुछ प्रमुख कारण हैं:

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1. Lifestyle factors

 

  • तंबाकू और धूम्रपान: तंबाकू का सेवन, चाहे धूम्रपान के रूप में हो या चबाने के रूप में, कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। यह फेफड़ों, मुंह, गले, और इसोफेजियल कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक है। भारत में तंबाकू से संबंधित कैंसर के मामले बहुत आम हैं।

  • शराब का अत्यधिक सेवन: शराब का अधिक सेवन लीवर, मुंह, गले, और स्तन कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

  • अस्वास्थ्यकर आहार: अधिक वसा, चीनी, और संसाधित खाद्य पदार्थों का सेवन, साथ ही फल और सब्जियों की कमी, कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है। उदाहरण के लिए, लाल मांस और तले हुए खाद्य पदार्थ कोलोरेक्टल कैंसर से जुड़े हैं।

  • शारीरिक निष्क्रियता: नियमित व्यायाम की कमी मोटापे को बढ़ावा देती है, जो स्तन, कोलोरेक्टल, और गर्भाशय के कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

  • मोटापा: अधिक वजन या मोटापा हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है, जो कई प्रकार के कैंसर को ट्रिगर कर सकता है।

Cancer

2. पर्यावरणीय कारक

  • Radiation Exposure: सूर्य की Ultraviolet (UV) rays त्वचा कैंसर का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा, आयनकारी विकिरण (जैसे एक्स-रे या रेडियोधर्मी पदार्थ) भी कैंसर का जोखिम बढ़ाते हैं।

  • Chemicals Pollution: एस्बेस्टस, कीटनाशक, और अन्य औद्योगिक रसायन फेफड़ों, मूत्राशय, और अन्य कैंसर का कारण बन सकते हैं।

  • वायु और जल प्रदूषण: प्रदूषित हवा और पानी में मौजूद कार्सिनोजेनिक पदार्थ कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

3. Genetic and biological factors

  • Genetic Mutation: कुछ Cancer, जैसे स्तन cancer (BRCA1 और BRCA2 जीन) और कोलन कैंसर, आनुवंशिक हो सकते हैं। यदि परिवार में कैंसर का इतिहास है, तो जोखिम अधिक होता है।

  • Infection: कुछ वायरस और बैक्टीरिया कैंसर का कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिए:

    • Human Papillomavirus (HPV): गर्भाशय ग्रीवा और गले के कैंसर से संबंधित।

    • Hepatitis B and C: लीवर कैंसर का कारण।

    • Helicobacter pylori: पेट के कैंसर से संबंधित।

  • Weak Immune System: HIV/aids या अंग transplant के बाद दवाओं के कारण कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में कैंसर का जोखिम अधिक होता है।

4. Age और Gender

  • आयु: उम्र बढ़ने के साथ कैंसर का जोखिम बढ़ता है, क्योंकि कोशिकाओं में उत्परिवर्तन की संभावना बढ़ जाती है।

  • लिंग: कुछ कैंसर लिंग-विशिष्ट हैं, जैसे पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर।

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Cancer के लक्षण

कैंसर के लक्षण कैंसर के प्रकार और स्थान पर निर्भर करते हैं। कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • वजन में असामान्य कमी: बिना कारण वजन कम होना।

  • लगातार थकान: सामान्य गतिविधियों में भी थकान महसूस होना।

  • त्वचा में परिवर्तन: त्वचा का रंग बदलना, लालिमा, या घाव जो ठीक नहीं होते।

  • गांठ या उभार: शरीर में कहीं भी असामान्य गांठ।

  • लगातार दर्द: विशेष रूप से हड्डियों, सिर, या पेट में।

  • रक्तस्राव: मल, मूत्र, या खांसी में खून आना।

  • आंत्र या मूत्राशय की आदतों में बदलाव: कब्ज, दस्त, या बार-बार पेशाब की समस्या।

  • लगातार बुखार या रात में पसीना: बिना कारण बुखार या पसीना आना।

  • खांसी या आवाज में बदलाव: लंबे समय तक खांसी या आवाज में कर्कशता।

कैंसर के शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे दिख सकते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और निदान महत्वपूर्ण है।

Cancer के प्रकार

कैंसर के कई प्रकार हैं, जो प्रभावित अंग या कोशिकाओं के आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं। कुछ प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:

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  1. कार्सिनोमा: त्वचा या अंगों की सतह को ढकने वाली कोशिकाओं में होता है। उदाहरण: फेफड़ों, स्तन, और प्रोस्टेट कैंसर।

  2. सार्कोमा: हड्डियों, मांसपेशियों, या संयोजी ऊतकों में होता है।

  3. ल्यूकेमिया: रक्त और अस्थि मज्जा का कैंसर।

  4. लिम्फोमा: लसीका तंत्र का कैंसर।

  5. मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर: केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में होते हैं।

भारत में सबसे आम कैंसर में शामिल हैं:

  • स्तन कैंसर: महिलाओं में सबसे आम, लेकिन पुरुषों में भी हो सकता है।

  • मुंह का कैंसर: तंबाकू और गुटखा चबाने के कारण पुरुषों में प्रचलित।

  • फेफड़ों का कैंसर: धूम्रपान और प्रदूषण से संबंधित।

  • गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर: HPV वायरस से संबंधित, महिलाओं में आम।

  • कोलोरेक्टल कैंसर: अस्वास्थ्यकर आहार और जीवनशैली से संबंधित।

Cancer का निदान

कैंसर का समय पर निदान इसके उपचार की सफलता को बढ़ाता है। निदान के लिए निम्नलिखित विधियां उपयोग की जाती हैं:

  1. शारीरिक परीक्षण: डॉक्टर गांठ, त्वचा में परिवर्तन, या अन्य असामान्यताओं की जांच करते हैं।

  2. प्रयोगशाला परीक्षण: रक्त, मूत्र, या ऊतक के नमूनों की जांच।

  3. इमेजिंग टेस्ट: एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, और अल्ट्रासाउंड ट्यूमर का स्थान और आकार बताते हैं।

  4. बायोप्सी: ऊतक का नमूना लेकर माइक्रोस्कोप के तहत जांच करना।

  5. आनुवंशिक परीक्षण: कैंसर से संबंधित जीन उत्परिवर्तन की पहचान करना।

Cancer का Treatment

कैंसर का उपचार कैंसर के प्रकार, चरण, और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। प्रमुख उपचार विधियां निम्नलिखित हैं:

  1. Surgery: Tumor को हटाने के लिए, खासकर यदि कैंसर सीमित क्षेत्र में हो।

  2. Chemotherapy: कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दवाओं का उपयोग।

  3. Radiation Therapy: उच्च-ऊर्जा किरणों से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना।

  4. Immunotherapy: प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके कैंसर से लड़ना।

  5. Targeted Therapy: विशिष्ट कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करने वाली दवाएं।

  6. Hormone Therapy: हार्मोन-निर्भर कैंसर (जैसे स्तन और प्रोस्टेट कैंसर) के लिए।

  7. Stem Cell Transplant: मुख्य रूप से रक्त कैंसर के लिए।

Cancer से बचाव के तरीके

कैंसर से बचाव संभव है यदि जीवनशैली में बदलाव और समय पर जांच को प्राथमिकता दी जाए। निम्नलिखित कुछ प्रभावी बचाव के तरीके हैं:

1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

  • तंबाकू और शराब से बचें: धूम्रपान, गुटखा, और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें।

  • संतुलित आहार: फल, सब्जियां, साबुत अनाज, और कम वसा वाले खाद्य पदार्थ खाएं। ब्रोकली, टमाटर, लहसुन, अदरक, और हल्दी जैसे खाद्य पदार्थ कैंसर से बचाव में मदद करते हैं।

  • नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि करें।

  • वजन नियंत्रण: मोटापे से बचने के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखें।

2. पर्यावरणीय जोखिम कम करें

  • सूर्य की किरणों से सुरक्षा: सनस्क्रीन, टोपी, और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।

  • रसायनों से बचाव: कीटनाशकों और औद्योगिक रसायनों के संपर्क में आने से बचें।

  • स्वच्छ पानी और हवा: प्रदूषित पानी और हवा से बचने के लिए उचित उपाय करें।

3. नियमित जांच और स्क्रीनिंग

  • Breast Cancer: महिलाओं को नियमित मैमोग्राफी और स्व-स्तन परीक्षण करना चाहिए।

  • Cervical Cancer: HPV वैक्सीन और नियमित पेप स्मीयर टेस्ट।

  • Colorectal Cancer: 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए colonoscopy।

  • Lung Cancer: धूम्रपान करने वालों के लिए लो-डोज सीटी स्कैन।

  • Mouth Cancer: नियमित दंत चिकित्सा जांच।

4. Infection से बचाव

  • HPV Vaccine: uterine cervix और अन्य कैंसर से बचाव के लिए।

  • Hepatitis B Vaccine: Liver Cancer के जोखिम को कम करता है।

  • Safe sexual practices: Condom का उपयोग और जोखिम भरे व्यवहार से बचें।

5. Mental Health

  • तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान, और सकारात्मक जीवनशैली तनाव को कम करती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है।

  • पर्याप्त नींद: नियमित और पर्याप्त नींद प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है।

भारत में Cancer की स्थिति

भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 11.57 लाख नए कैंसर के मामले दर्ज होते हैं, और 7.84 लाख लोगों की मृत्यु कैंसर के कारण होती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 तक यह आंकड़ा 15.7 लाख तक पहुंच सकता है। भारत में कैंसर की बढ़ती घटनाओं के लिए निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं:

  • तंबाकू का व्यापक उपयोग: भारत में तंबाकू चबाने और धूम्रपान की आदतें मुंह और फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख कारण हैं।

  • अस्वास्थ्यकर जीवनशैली: शहरीकरण और पश्चिमी आहार की बढ़ती लोकप्रियता।

  • प्रदूषण: वायु और जल प्रदूषण कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

  • जागरूकता की कमी: देर से निदान के कारण उपचार की सफलता कम हो जाती है।

  • चिकित्सा सुविधाओं की कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में उचित स्क्रीनिंग और उपचार की कमी।

Cancer awareness and initiatives

Cancer के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत और विश्व भर में कई पहल की जा रही हैं:

  • विश्व कैंसर दिवस: हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता और बचाव के उपायों को बढ़ावा देना है।

  • राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: भारत में 7 नवंबर को मनाया जाता है, ताकि लोग कैंसर के लक्षणों और स्क्रीनिंग के महत्व को समझें।

  • कैंसर स्क्रीनिंग वैन: कुछ संगठन मुफ्त स्क्रीनिंग सुविधाएं प्रदान करते हैं।

  • स्वास्थ्य बीमा योजनाएं: कैंसर के इलाज के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए विशेष बीमा योजनाएं उपलब्ध हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

Cancer एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर निदान, उचित उपचार, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। “हर तीसरे व्यक्ति को कैंसर हो रहा है” जैसी कहावत हमें इस बीमारी की व्यापकता और इसके प्रति सतर्कता की आवश्यकता को याद दिलाती है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, तंबाकू और शराब से दूरी, और नियमित स्क्रीनिंग जैसे कदम कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, सरकार, स्वास्थ्य संगठनों, और समाज को मिलकर कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।

कैंसर से डरने की बजाय, इसके बारे में जानकारी प्राप्त करें, सतर्क रहें, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। यदि आपको या आपके किसी करीबी को कैंसर के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर कदम उठाकर कैंसर को हराया जा सकता है।

Disclaimer

यह jagoindianews लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान किया गया है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान, या उपचार का विकल्प नहीं है। कैंसर या किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले, कृपया किसी योग्य चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श करें। लेख में दी गई जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम, और अन्य विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है, लेकिन इसकी पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं दी जा सकती। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी के उपयोग से होने वाली किसी भी हानि या क्षति के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। कैंसर से संबंधित लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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What are the main causes of cancer?

Cancer is caused by a combination of genetic, environmental, and lifestyle factors. Key causes include tobacco use (e.g., smoking or chewing), excessive alcohol consumption, unhealthy diets high in processed foods, obesity, exposure to UV radiation or chemicals, and infections like HPV or hepatitis. Genetic mutations, either inherited or acquired, also play a role. Avoiding risk factors and regular screenings can help reduce the likelihood of developing cancer.

Cancer prevention involves adopting a healthy lifestyle and proactive measures: avoid tobacco and limit alcohol, eat a balanced diet rich in fruits and vegetables, maintain a healthy weight, exercise regularly (at least 30 minutes daily), protect skin from UV rays, and get vaccinated (e.g., HPV, hepatitis B). Regular screenings like mammograms, Pap smears, and colonoscopies can detect cancer early, improving outcomes.

Early signs of cancer vary by type but may include unexplained weight loss, persistent fatigue, skin changes (e.g., new moles or sores that don’t heal), unusual lumps, chronic pain, abnormal bleeding (e.g., in stool or urine), or changes in bowel/bladder habits. Persistent cough, fever, or night sweats can also be warning signs. Consult a doctor if symptoms persist for more than a few weeks.

Some cancers have a hereditary component, meaning they can run in families due to inherited genetic mutations. For example, BRCA1 and BRCA2 gene mutations increase the risk of breast and ovarian cancer, while Lynch syndrome is linked to colorectal cancer. However, only 5-10% of cancers are directly hereditary. A family history of cancer may warrant genetic testing and earlier screenings.

In India, the most common cancers are breast cancer (especially in women), oral cancer (linked to tobacco chewing), lung cancer (due to smoking and pollution), cervical cancer (related to HPV), and colorectal cancer. According to the National Cancer Registry Programme, breast and oral cancers account for a significant portion of cases, with over 1.15 million new cases annually.

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